forget password  
new visitor sign in.
     
Mathura Vrindavan Development Authority, Mathura

Mathura Vrindavan Development Authority
32, Civil Lines, Mathura

more.....

Compounding >> Rules of Compounding
Rules of Compounding | Compounding Fee

संख्याः 5402 -9 .आ .1.. .1997 | संख्याः3855 .1 .9।आ। 1.. .2000
संख्याः964 .9 .।आ। .1.. .2001।आ .ब दृ



संख्याः3855 .1 .9।आ। 1.. .2000
प्रेषक,
श्री संजय भूसरेड्र्‌डी
आवास अनुभाग .1
विशेष सचिव
लखनउ
उत्तर प्रदेश शासन ।
दिनांक 28 अगस्त,2000
सेवा में,
।1। आवास आयुक्त,
उ०प्र० आवास एवं विकास परिषद,
लखनउ ।
।2। उपाध्यक्ष,
समस्त विकास प्राधिरण,
उत्तर प्रदेश!
विषयः स्वैच्छिक शमन उपविधि के प्रयोजन हेतु ÷निर्मित भवन÷ की व्याख्या स्पष्ट किये जाने के सम्बन्ध में ।
महोदय,
मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है कि शासनादेश संख्या ४१६७ .९।आ। .९८ दिनांक २४ .१० .१९९८ द्वारा जारी विकास प्राधिकरण ।अपराधों का शमन। ।द्वितीय संशोधन।, उपविधि,१९९८ की टिप्पणी .२ के अनुसार शमन हेतु आवेदन केवल उन्ही के भवनों के सम्बन्ध में स्वीकार्य रखे गए हैं जो इस संशोधन उपविधि के लागू होने की तिथि तक निर्मित हो चुके हैं। शासन के संज्ञान में यह तथ्य लाया गया है कि निर्मित भवन के सम्बन्ध में कतिपय विकास प्राधिकरणों द्वारा भ्रामक स्थिति उत्पन की जा रही है ं जिसके फलस्वरूप स्वैच्छिक शमन योजनान्तर्गत प्राप्त कई आवेदन इस आधार पर निरस्त कर दिए गए है .किए जा रहे हैं, कि भवन पूर्णतः निर्मित नहीं है । परिणामस्वरूप कई आवेदकों को उत्पीड.न का सामना करना पड. रहा है।
।2। इस सम्बन्ध मे ंमुझे यह कहने का निर्देश हुआ हैं कि उ०प्र० नगर योजना और विकास अधिनियम १६७३ की धारा .२।बी। निहित भवन की परिभाषा के दृष्टिगंत शमन के प्रायोजन हेतु निर्मित भवन का तात्पर्य निम्नानुसार स्पष्ट किया जाता हैः .
।ख्1,।भवन का तात्पर्य संरचना अथवा इरेक्शन या उसके भाग जो वास्तविक उपयोग में हों अथवा नही, से है ।
।ख्2,।यदि भवन इरेक्टेड है और विघमान संरचना के अनुसार भ . आच्छादान तथा एफ .ए .आर . डिफन्ड है और उसमे जिस भाग की काम्पाउण्डिग होनी है यदि वह निर्मित हो चुका है, तो ऐसे भवन को निर्मित भवन माना जाऐगा भले उसमे प्लास्टरिंग, सैनैट्र्‌ी कार्य, विधुत .ेकार्य दरवाजे एवं खिड.कियॉ तथा पेंण्टिग आदि कार्य पूर्ण हुआ हो अथवा नही
।3।कृपया स्वैच्छिक शमन योजनाओं से प्राप्त आवेदन पत्रों का निस्तारण उपयोग स्पष्टीकरण के अनुसार सुनिश्चित करने का कष्ट करें ।
भवदीय,
संजय भूसरेड्डी
विशेष सचिव
संख्या .3855।1। .9 .।आ। .1 .2000 दिनांक
प्रतिलिपिः निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः .
1. अध्यक्ष, समस्त विकास प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश।
2. अधिशासी निदेशक, उत्तर प्रदेश आवास बन्धु।
3. मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक , उत्तर प्रदेश।