Mathura Vrindavan Development Authority, Mathura

Mathura Vrindavan Development Authority
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Rules of Compounding | Compounding Fee
शमन शुल्क सम्बन्धी उपविधि
उत्तर प्रदेश शासन
आवास अनुभाग 1
संख्याः 2460।9।आ।1।15।1डी०ए०।81
लखनउः दिनांक 03 अप्रैल,, 1996
अधिसूचना
विकास प्राशिकरण अपराधों का शमन उपविधि १९९२का अतिक्रमण करते हुए उत्तर प्रदेश राष्ट्पति अधिनियम । परिष्कार कहित पुनःअधिनियम,१९७४ ।उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या ३०सन्‌ १९७४ । द्वारा परिष्कारों सहित यथा पुनः अधिनियम उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकाश अधिनियम,१९७३।राष्ट्पति अधिनियम संख्या ११सन्१९७३। की धारा ५१ के खण्ड ।क। एवं ।ख +ख। के अधीन शक्ति का प्रयोग करके विकास प्राधिकरण राज्य सरकार के पूर्वानुमोदन से अधिनियम की धारा३२ के अधीन अपराधों के शमन हेतु मार्ग दर्शक सिद्धान्त निरर्धारित करने के लिये निम्नलिखत उपविधि बनाते हैः
विकास प्राधिकरण अपराधों का शमन उपविधि १९९६ः
1. ।1। यह उपविधि विकास प्राधिकरण अपराधों को शमन उपविधि,१९९६ कही जायेगी।
।2। इसका विस्तार सम्पूर्ण विकास क्षेत्र पर होगा ।
।3। यह उपविधि दिनांक ०३अप्र्रैल, १९९६ से प्रवृत्त हागी ।
2. उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम १९७३के अनतर्गत दन्डनीय किसी भी अपराध की शमन कार्यवाही संस्थित होने से पूर्व अथवा शमन कार्यवाही विकास प्राधिकरण अथवा उनके द्वारा धारा ३२ के अन्तर्गत प्राधिकृत प्राधिकारी द्वारा की जा सकेगी ।किन्तु किसी भी दशा में न्यूनतम शमन शुल्क अनुमन्य जुर्माने के आधे से कम नहीे होंगें ।
3. शमन योग्य निर्माण से सम्बन्धित अपराध का शमन सह प्रतिबन्ध के साथ होगा कि अशमनीय निर्माण से सम्बन्धित अपराध को अभियुक्त आगे गतिमान नहीं रखेगा तथा अशमनीय अवैध निर्माण ।विकास कार्र्य । उपरोक्त शमनीय अपराध का शमन करने के आदेश देने वाले अधिकारी द्वारा निर्दिष्ट अवधि के भीतर,जो १५दिन से अधिक नहीं होगी,समाप्त कर देगा अन्यथा उसके विरूद्ध पुनः अभियोजन की कार्यवाही हेतु विकास प्राधिकरण स्वतंत्रा होगा ।
4. अवैध निर्माणों तथा विकास कार्यो के शमन की अनुज्ञा देने से इंकार करने के विकास प्राधिकरण या उसके द्वारा इस निमित्त
अनुमन्य या विशेष आदेश द्वारा प्राधिकृमत कोइ अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा किः
क्या निर्माण बेसमेंट,सेमी बेसमेंट,भूतल,प्रथम तल या अनुवर्ती तलों पर किया गया है तथा अनुपालन क्षेत्र पर उसका प्रभाव है ।
   
क्या बेसमेंट के निर्माण भवन में कुर्सी क्षेत्र से अधिक किया गया है,यदि हॉं तो उसका प्रभाव।
   
क्या निर्माण की अनुमती इससे पहले स्वीकार की जा चुकी है। यदि हॉं तो उसका प्रभाव।
   
क्या निर्माण विद्यमान बिल्डिंग के लाईन के प्रतिकूल है। यदि हॉं तो उसका प्रभाव।
   
बेसमेंट के निर्माण से संलग्न सम्पत्तियों तथा विद्यमान सेवाओं पर प्रभाव।
   
क्या निर्माण रोड साईड लैन्ड कन्टेल एक्ट से अधिक है,यदि हॉं तो उसक लिये अनुमति ली गयी हैं।
   
।2.। निम्नलिखित अपराध शमनीय नहीं होंगेः
निर्माण किसी सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर बिना सम्बन्धित विभाग के सक्षम अधिकारी की अनुमति से किया गया है ।
   
अपराध किसी ऐसे विकास से सम्बन्धित हो जो महायोजना या परिक्षेत्रीय योजनाओं में निहित भू प्रयोग के विपरीत है ।
   
अपराध किसी सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर निकले हुये भाग । प्रशेप। से सम्बन्धित हो जिसके लिये सम्बन्धित विभाग से अनुमति प्राप्त नहीं की गयी हो ।
   
।3.। अनुमन्य भू आच्छादन अथवा तल क्षेत्रफल से अधिक अथवा सैट बैक में निर्माण करने की स्थ्ति में निम्नलिखित सीमा तक शमन कार्यवाही की जायेगी और शमन उपरान्त मानचित्र स्वीकृत करना भी आवश्यक होगा। इस प्रकार का शमनीय निर्माण मुख्य भवन की निरन्तरता से ही अनुमन्य होगा ।
पीछे से सैट बैंक में अनुमन्य आच्छादन के अतिरिक्त १०प्रतिशत क्षेत्र तक का निर्माण शमनीय न होगा।
   
सामने के सैट बैंक में चौड़ाई का ४०प्रतिशत किन्तु अधिकतम 1 +५मी० से अधिक निर्माण शमनीय न होगा।
   
पार्श्व सैट बैक में कुल क्षेत्र का २५ प्रतिशत तक का निर्माण शमनीय होगा।
   
उपर्युक्त प्रस्तर ÷क÷व÷ख÷में अनुमन्य छूट ग्रुप हाउसिंग योजना एवं व्यावसायिक निर्माण में अनुमन्य भू आच्छादन का अधिकतम १०प्रतिशत तक ही अनुमन्य होगा।
   
किसी भी निर्माण के लिये अधिकतम तल अच्छादान का १०प्रतिशत तक ही निर्माण शमन किया जायेगा। पॉंच प्रतिशत उपरान्त प्रत्येक एक प्रतिशत या अंश पर २० प्रतिशत अतिरिक्त भू मूल्य देय होगा।
   
।5.। भिन्न भिन्न प्रकार के अनाधिकृत निर्माण। विकास कार्य के शमन हेतु शुल्क की राशि वही होगी जो संलग्न अनुसूची में निर्धारित की गयी है। शमन उपरान्त मानचित्र को स्वीकृत करना आवश्य होगा।
।6.। यदि किसी मामले में अप्राधिकृत निर्माण एक से अधिक प्रकार के अप्राधिकृत निर्माण के लिये शुल्क को छोड़कर लिया जायेगा।
।7.। अवैध निर्माण के शमन के उपरान्त निर्माणकर्ता द्वारा शमन शुल्क तथा प्रश्नगत निर्माण को स्वीकृति हेतु वह शुल्क जमा कराया जायेगा जो समय समय परमानचित्रा की कार्यवाही की जायेगी।
।8.। नियम के अन्तर्गत मानचित्र स्वीकृत करने के उपरान्त शमन किये भाग के सम्बध में धारा २७ के अन्तर्गत कार्यवाही समाप्त की जायेगी।यदि शमन किये गये हिस्से को ध्वस्त करने का कोई आदेश पारित किया गया हो तो वह समाप्त माना जायेगा शेष अवैध निर्माण जिसे शमन न किया गया हो उसे निर्माणकर्ता स्वयं अपने व्यय पर निर्माणकर्ता स्वयं अपने व्यय पर हटायेगा,अन्यथा वह विकास प्राधिकरण द्वारा ध्वस्त कर दिया जायेगा तथा उस पर होने वाला व्यय निर्माणकर्ता से वसूल किया जायेगा।
।9.। नियम ७अन्तर्गत आरोपित शुल्क निर्माणकर्ता द्वारा एक मुश्त अथवा ब्याज सहित ऐसी किश्तों में जैसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित की जाये ,जायेगी तथा सर्म्पूण राशि जमा हो जाने पर ही शमन कार्यवाही पूर्ण मानी जायेगी। ब्याज सहित किश्तों की धनराशि निश्चित करनेव जमा करने के सम्बन्ध में प्राधिकरण द्वारा पृथक से नियम बनाया जा सकता है। भवन मानचित्र स्वीकृति कीशर्ते भी अनीवार्य रूप से अंकित की जायेगी।
।10.। ऐसे अवैध निर्माण जिन्हें शमन किया गया है,निर्धारित प्रपत्र के रूप में सारिणी बद्ध किये जायेंगे।और उसमें विवरण विकास प्राधिकरण की अगली बैठक में उनकी सूचना के लिए प्रस्तुत किया जायेगा।
।11.। शमन हेतु विचाराधीन अवशेष आवेदनों का निस्तारण की इस उपविधि के प्राविधानों के अधीन किया जायेगा ।
।12.। नियम २ और नियम ७ के अर्न्तगत आरोपित शमन शुल्क तथा नियम१० के अर्र्न्तगत प्राधिकरण द्वारा किये गये व्यय की वसूली अधिनियम की धारी ४० के अनुसार की जायेगी ।
उत्तर प्रदेश शासन
आवास अनुभाग 1
संख्याः2578।9।आ।1।16।6डी०ए०।81
लखनउःदिनांक 03मई,1996
विकास प्राधिकरण अपराधों का शमन उपविधि।१९९६विषयक आवास अनुभाग 1 की अधिसूचना संख्या २४६०।९।आ।१।९६।६।डी +ए +।८१दिनांक ५अप्रैल,१९९६के साथ संलग्न अनुसूची के स्थान पर इस अधिसूचना के साथ संलग्न अनुसूची पढ़ी जायेगी तथा निम्नलिखित तालिका के स्तम्भ 1 में उल्लिखित वर्तमान प्रस्तर के स्थान पर स्तम्भ २ में उल्लिखित संशोधित जायेंगेः
वर्तमान प्रस्तर संशोधित प्रस्तर
1 2
।4.।ड। क्या निर्माण रोड़ साईड ।ड़। क्या निर्माण रोड साईड लैन्ड लैन्ड कन्ट््रोल एक्ट से बाधित कन्ट््रोंल एक्ट से बाधित है यदि हॉं है।यदि हॉं तो उसके लिये अनु तो क्या उसके लिये अनुमति ली मति ली गयी है। गयी है।
।3.।क। सामने से सैट बैक में ।क। सामने के सैट बैंक में चौड़ाई चौड़ाई का ४० प्रतिशत किन्तु का४० प्रतिशत किन्तु अधिकतम अधिकतम 1 +५मी० से अधिक 1 +५मी० से अधिक निर्माण शमनीय निर्माण शमनीय न होगा । न होगा ।
।घ। उपर्युक्त प्रस्तर ''क, व ''ख, ।घ। ग्रुप हाउसिंग व्यवसायिक एवं में अनुमन्य छूट ग्रुप हाउसिंग कार्यालय निर्माण की योजनाओं में योजना एवं व्यवसायिक निर्माणों अनुमन्य भू आच्छादन के अतिरिक्त में अनुमन्य भू आच्छादन का भूतल पर अप्राधिकृत निर्माण अनुमन्य अधिकतम १०प्रतिशत तक ही भू अच्छादन के १०प्रतिशत की सीमा अनुमन्य होगा । तक ही शमनीय होगा ।
।ड़। सभी प्रकृति के निर्माण के लिय
।ड़।किसी भी निर्माण के लिये अनुमन्य तलानुपात के अतिरिक्त आच्छादन का १० प्रतिशत अप्राधिकृत निर्माण अनुमन्य तनानु तक ही निर्माण का शमन किया पात की १०की सीमा तक ही जायेगा,पॉंच प्रतिशत उपरान्त शमनीय होगा । प्रत्येक एक प्रतिशत या अशं पर २०प्रति०अतिरिक्त भू मूल्य देय होगा ।
६ + यदि किसी मामले में अप्राधिकृत ६ + यदि किसी मामले में शमनीय निर्माण एक से अधिक प्रकार के निर्माण एक से अधिक श्रेणियों कें अप्राधिकृत निर्माण के अर्न्तगत अर्न्तगत आते हैं, तो शमन शुाल्क आय है तो शमन शुल्क प्रत्येक प्रत्येक श्रेणी के लिये निर्धारित शमन प्रभार के अप्राधिकृत निमार्ण के शुल्क को जोड़कर लिया जायेगा । लिये शुल्क को जोड़कर लिया जायेगा ।
७ + अवैध निर्माण के शमन के उपरान्त ७ +अवैध निर्माण के शमन के उप निमार्णकर्ता द्वारा शमन शुल्क तथा रान्त निमार्णकर्ता द्वारा शमन शुल्क प्रश्नगत निर्माण की स्वीकृति हेतु तथा प्रश्नगत निर्माण की स्वीकृति वह शुल्क जमा कराया जायेगा जो हेतु वह शुल्क जमा कराया जायेगा समय, समय पर मानचित्र की जो समय ,सयम पर मानचित्र की स्वीकृति हेतु प्राधिकरण द्वारा स्वीकृति हेतु प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किया गया हो, तदोपरान्त निर्धारित किया गया हो,तदोपरान्त मानचित्र स्वीकृत करने की कार्यवाही ही मानचित्र की स्वीकृत करने की की जायेगी । कार्यवाही की जाये ।
१० + एसे अवैध निर्माण जिन्हें शमन १० +ऐसे अवेध निर्माण निन्हें शमन किया गया है निर्धारित प्रपत्र के रूप किया गया है निर्धारित प्रपत्र के रूप में सारणीबद्ध किये जायेंगे और रूप में सारणीबद्ध किये जायेंगें और उनमें विवरण विकास प्राधिकरण और उनमें रहित विवरण विकास की अगली बैठक में उसकी सूचना के प्राधिकरण की अगली बैठक में लिये प्रस्तुत किया जायेगा । उसकी सूचना के लिये प्रस्तुत किया जायेगा ।
१२ +नियम २ और नियम ७ के अन्तर्णत १२ + नियम २और नियम ७ के आरोपित शमन शुल्क तथा नियम१० अर्न्तगत आरोपित शमन शुल्क के अर्न्तगत प्राधिकरण द्वारा किये गये तथा नियम ८के अर्न्तगत प्राधिकरण व्यय की वसूली अधिनियम की धारा द्वारा किये गये व्यय की वसूली अधिनियम ४०के अनुसार की जायेगी । अधिनियम की धारा ४०के अनुसार की जायेगी ।
उत्तर प्रदेश शासन
आवास अनुभाग 1
संख्याः242।8।आ।1।16।6डी०ए०।81
लखनउः दिनांक १०जनवरी,1997
विकास प्राधिकरण अपराधों का शमन उपविधि १९९६विषयक आवास अनुभाग १की अधिसूचना संशोधन संख्या२५७८।९।आ।१।९६।६।डी०ए०। ८१दिनांक ३मई,१९९६ के साथ संलग्न अनुसूची तथा टिप्पणी के स्थान पर इस अधिसूचना के साथ संलग्न अनुसूची तथा टिप्पणी पढ़+ी जायेगी तथा उपयुक्त अधिसूचना संख्याः२५७८।९आ।१।९६।६डी०ए०।८१दिनांक ३मई, १९९६इस सीमा तक संशोधित समझी जायेगी ।
'अखण्ड प्रताप सिंह,
प्रमुख सचिव
संख्याः242।1।9।आ।19।6डी०ए०।91 दिनांक
प्रतिलिपिः निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः
1. अध्यक्ष,समस्त विकास प्राधिकरण ।
2. उपाध्यक्ष,समस्त विकास प्राधिकरण को इस आशय से कि वे कृपया उपरोक्त संशोधनों को प्राधिकरण द्वारा अंगीकार किये जाने के बारे में आवश्यक कार्यवाही कर संशोधित शमन उपविधि को लागू किये जाने हेतु अपने प्राधिकरण की शमन उपविधि गजट में प्रकाशनार्थ शासन को उपलब्ध कराने का कष्ट करें ।
3. अध्यक्ष,समस्त विकास प्राधिकरण,उत्तर प्रदेश ।
4. मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजन,उत्तर प्रदेश ।
आज्ञा से
'राम वृक्ष प्रसाद,
संयुक्त सचिव